छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों में मची धार्मिक, राजनीतिक, हिंसक और अन्य घटनाएं

रायपुर bkb डेस्क: देश प्रदेश में 9 दिनों तक नवरात्रि और दशहरा पर्व के चलते पूरा माहौल रहा मतमय । 9 दिनों तक दुर्गामाता का धार्मिक पर्व के बाद दशहरे के दिन रावण का दहन किया गया ।उधर छत्तीसगढ़ के ही कवर्धा में धार्मिक असन्तोष ने बड़ा रूप ले लिया जिसे पुलिस और प्रशासन ने बड़ी मुस्तैदी से सम्हाला । वहीं विपक्ष और भगवा ब्रिगेड ने इस असन्तोष का भरपूर लाभ लेने की कोशिश भी की । यह पहला धार्मिक उन्माद प्रदेश के लिए एक सबक भी बन गया ।राजनीतिक दृष्टि से भी यह 9-10 दिन उथलपुथल भरे रहे । प्रदेश में ढाई साल के बदलाव के नाकाम कोशिशों के साथ साथ संगठनों में भी बड़े बदलाव दिखे । प्रदेश के दोनों दलों में बड़ी सर्जरी भी हुई । इससे कहीं संतोष तो कहीं असन्तोष भी देखने को मिला ।उत्तरप्रदेश चुनाव के मद्देनजर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बड़ी ज़िम्मेदारी देते हुए प्रभारी पुनिया को उत्तरप्रदेश के चुनाव कैम्पेन का चेयरमैन बनाया गया है । बड़े बदलाव की आशंका में सभी प्रशासनिक ढीले पड़ गए थे ।इस बीच काँग्रेस सरकार में बचे हुए कुछ निगम-मण्डल और आयोग का मामला कहीं बहुत पीछे चला गया ।वही प्रशासनिक और पुलिस महकमे में भी बड़ा बदलाव करते हुए के अधिकारी-कर्मचारी भी इधर उधर किये गए हैं ।निकट भविष्य में भी अचानक कुछ बड़े बदलाव होते रहेंगे ।

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