पीएम मोदी ने बच्चों को दिया मोटिवेशन मंत्र, कहा- “बिना खेले कोई खिल नहीं सकता”

रायपुर bkb डेस्क : पीएम मोदी परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के 5वें संस्करण में विद्यार्थियों को एग्जाम के तनाव से बचने के गुर बता रहे हैं। पीएम मोदी ने छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से बातचीत की शुरुआत में कहा कि कोरोना के कारण पिछले साल आपसे मिल नहीं पाया, लेकिन इस बार मिलकर अच्छा लग रहा है। परीक्षा से पहले भय और नंबर कम आने से जुड़े प्रश्नों पर पीएम मोदी ने कहा कि परीक्षा जीवन का सहज हिस्सा है। यह आपकी विकास यात्रा का हिस्सा है। आप कई बार एग्जाम दे चुके हैं। परीक्षा के अनुभवों को अपनी ताकत बनाएं। तो आप करते हैं उसमें विश्वास भरें। परीक्षा जीवन का एक पड़ाव भर है।पीएम मोदी ने छात्रों को कहा कि पहले खुद को ऑब्जर्व करें कि किस बात से आप डिमोटिवेट हो जाते हैं। फिर आप यह देखें कि कौन सी बातें आपको सहज रूप से मोटिवेट करती है। आपको खुद के विषय में एनालिसिस की जरूरत है। किसी का सहारा या सहानूभूति लेने की कोशिश न करें। खुद की हिम्मत से काम लें।परीक्षा पे चर्चा के दौरान छात्राओं ने पीएम मोदी से सवाल किया की क्या परीक्षा को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। घरवालों और शिक्षकों से डरें या फिर इसे त्योहार की तरह मनाना चाहिए? इस पर पीएम मोदी ने कहा कि शिक्षक और परिजन जो अपने बाल काल में नहीं कर पाए वह चाहते हैं उसे बच्चा पूरा करे। हम बच्चों की सीमा अपेक्षा और खूबी को बिना पहचाने धक्का मारते हैं। अपने आशाओं के कारण बच्चों पर बोझ नहीं बढ़ाना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि शिक्षक और परिजन की बात भी सुननी है और हमें उन चीजों पर भी ध्यान देना है कि हम किसमें सामर्थ्य हैं।

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