एग्रीमेंट से लिव इन को विधिक मान्यता कैसे

रायपुर bkb डेस्क:राजनांदगाँव क्षेत्र की निवासी एक महिला ने अपने पति के खिलाफ महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई कि, पति ने उसे और दो बच्चों को छोड़ दिया है, और खुद एक अन्य महिला के साथ घर पर रह रहा है। महिला आयोग ने जब पति को तलब किया तो उसने वकील से पचास रुपए के स्टैंप पर तैयार लिव इन रिलेशनशिप का एग्रीमेंट पेश कर दिया।पति इस एग्रीमेंट के जरिए यह बताना चाह रहा था कि, उसने विवाह नही किया है। इस अजीबोग़रीब एग्रीमेंट को देख महिला आयोग अध्यक्ष किरणमयी नायक भड़क गईं और उन्होंने इसे बनवाने वाले वकील को भी आयोग कार्यालय तलब कर लिया। हालाँकि पिछली पेशी में वकील साहब और संबंधित पक्ष नहीं आए तो अब बाजरिया पुलिस उन्हें तलब कराए जाने के निर्देश महिला आयोग ने दिए हैं।लिव इन रिलेशन को कॉंट्रेक्ट के रुप में एग्रीमेंट बन सकता है या नहीं यह तो बहस का मुद्दा है ही, लेकिन इस कॉंट्रेक्ट को पेश कर के पति महोदयने खुद से पत्नी के आरोपों को साबित कर दिया है। विधि विशेषज्ञों ने इस कॉंट्रेक्ट को प्रकरण के दृष्टिकोण से एडल्ट्री का प्रमाण मान लिया है।

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